Hindi Erotica इंडियन आंटी की चुदाई मेरा नाम विद्युत है और मेरी उम्र 21 है. दोस्तों में शुरू से ही सेक्स का बड़ा ही दिवाना रहा हूँ और यह मेरी पहली स्टोरी है. दोस…
Hindi Erotica इंडियन आंटी की चुदाई मेरा नाम विद्युत है और मेरी उम्र 21 है. दोस्तों में शुरू से ही सेक्स का बड़ा ही दिवाना रहा हूँ और यह मेरी पहली स्टोरी है. दोस्तों यह एक सच्ची घटना है. मेरा एक दोस्त है उसका नाम वरुण है और हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त है. हम हमेशा साथ साथ घूमते और मेरा हमेशा वरुण के घर पर आना जाना लगा रहता था. Hindi Erotica
उसके घर में उसकी माँ उनकी उम्र 37 साल, लेकिन वो दिखने में एकदम कड़क माल है. वो अपनी पतली कमर को मटकाती हुई चलती जिससे उसके बूब्स भी इधर उधर हिलते जिसे देखकर देखने वालों को बहुत मज़ा आता और वो अभी भी बिल्कुल जवान लगती है, उसकी बहन मनीषा जो अभी 18 साल की है और अब वो धीरे धीरे जवान होने लगी है.
उसके बूब्स, गांड उभरकर बाहर की तरफ दिखने लगे है उसके जिस्म का हर एक अंग दिखने में बहुत ही सेक्सी है और उसके पापा जो हमेशा घर से बाहर रहते थे, क्योंकि उनको एक रंडी की लत लग गयी थी और उन्हे लड़कियों का बहुत शौक था और वो ज़्यादा टाइम अपने घर से बाहर ही रहते और करीब दो तीन दिन के बाद अपने घर पर आते थे.
तो दोस्तों में और वरुण एक दिन घूमने बाहर गए हुए थे और हमे घर पर आते आते बहुत रात हो चुकी थी और घर पर जाते वक़्त वरुण ने मुझसे कहा कि हमे बहुत रात हो चुकी है और अब तू घर पहुंचते ही आज मेरे घर पर सो जाना और कल सुबह निकल जाना. फिर मैंने उससे कहा कि ठीक है और हम घर के लिए निकल चुके थे.
हमें रात के करीब 2 बज चुके थे और फिर वरुण का घर आ गया. फिर मैंने अपनी कार को एक तरफ पार्क कर दिया और कार की आवाज़ सुनते ही पुष्पा आंटी जाग गयी. उन्होंने दरवाजा खोला और में देखता ही रह गया. वो लाल कलर की एक मेक्सी में थी और वो मेक्सी भी गहरे गले की होने के कारण उनके बूब्स थोड़े थोड़े बाहर से नज़र आ रहे थे.
मेरी तो उन्हे देखकर बहुत हालत खराब हो गयी. फिर हम अपने कमरे के अंदर गये और सोने लगे, लेकिन दोस्तों अब मुझे नींद नहीं आ रही थी और मेरी आखों के सामने उनके गोरे गोरे बूब्स आ रहे थे. आँखे बंद करते ही मुझे उनका सेक्सी जिस्म अपनी तरफ आकर्षित करने लगता और अब मेरा लंड तनकर एकदम खड़ा हो गया था और फिर किसी भी तरह मैंने कंट्रोल किया और सो गया.
फिर सुबह सब लोग उठ गये थे और फिर जब मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि उस समय 11 बज गए थे. तभी आंटी मेरे पास आई और बोली कि विद्युत तू कितना सोता है? मैंने कहा कि अभी भी मेरी नींद पूरी नहीं हुई है क्योंकि में बहुत थक चुका हूँ. “Hindi Erotica”
फिर आंटी बोली कि ठीक है और थोड़ी देर सो जा, मैंने कहा कि ठीक है और में फिर से सो गया और में उसके बाद में 1 बजे उठ गया, लेकिन मुझे कोई भी नज़र नहीं आ रहा था. फिर में उठकर हॉल में चला गया तो मैंने देखा कि वहां पर आंटी टीवी देख रही थी, में उनके पास गया और उनसे पूछा कि सब कहाँ गये?
तो वो बोली कि वरुण तो गावं चला गया उसके गावं के किसी रिश्तेदार की म्रत्यु हो गयी है और मनीषा स्कूल गयी है और अब तू जाकर नहा ले में तेरे लिए खाना लगाती हूँ. फिर में बाथरूम में नहाने चला गया और में वहां पर जाकर अपने कपड़े उतारने लगा और मैंने टावल लगा लिया और ब्रश करने लगा और फिर मुझे बाथरूम में आंटी और मनीषा की ब्रा और पेंटी नज़र आई.
फिर मैंने दोनों की पेंटी उठाई और सूंघने लगा. दोस्तों में आप सभी को शब्दों में क्या बताऊँ कि वो क्या महक थी? मेरा तो लंड फिर से खड़ा हो गया और में उन्हे सूँघते सूँघते अपना लंड हिला रहा था और फिर कुछ देर के बाद मेरा वीर्य निकल गया.
दोस्तों मेरे लंड से आज तक इतना पानी कभी भी नहीं निकला था. में तो बिल्कुल हैरान हो गया. फिर में नहाने लगा और नहाते वक़्त मेरे कपड़े पानी में गिर गये और पूरी गीले हो गये. मैंने आंटी को आवाज़ लगाई कि वरुण का कोई लोवर होगा तो आप मुझे वो दे दीजिए, मेरे कपड़े पानी में गिरकर पूरे गीले हो गये. “Hindi Erotica”
फिर आंटी बाथरूम के पास आई और उन्होंने कहा कि वरुण तो अपने सारे कपड़े अपने साथ लेकर गया हुआ है और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तुम टावल लगाकर ही बाहर आ जाओ. फिर में बाहर आ गया और मैंने आंटी से कहा कि मुझे शरम आ रही है और वो हंसने लगी और उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं.
फिर में हॉल में चला गया और खाना खाने बैठ गया और आंटी मेरे सामने बैठकर बातें करने लगी. में खाना खाने के बाद उठकर हाथ धोने जा रहा था कि तभी टावल सोफे में अटक गया और में उनके सामने बिल्कुल नंगा हो गया और फिर में तो शरम से पानी पानी हो गया और आंटी की नज़र मेरे लंड से हट ही नहीं रही थी.
फिर मैंने जल्दी से अपना टावल उठाया और बेडरूम की तरफ भाग गया. तभी आंटी ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी. में फिर से टावल लगाकर बाहर आ गया और आंटी की तरफ़ देखा तो वो मेरी तरफ देख रही थी और अब वो थोड़ी सी कामुक हो गयी थी.
फिर मैंने उनसे कहा कि आंटी प्लीज आपके पास कोई लोवर होगा ना, वो मुझे दे दो ना प्लीज. फिर आंटी ज़ोर से हँसी और मुझसे बोली कि विद्युत चाहे तो तू ढूंड ले, लेकिन घर में तो तेरे नाप के कोई भी कपड़े नहीं है और अगर चाहे तो तू मेरी मेक्सी पहन ले, वैसे भी इस समय घर पर कोई नहीं है. “Hindi Erotica”
अब में एकदम चुपचाप होकर कुछ सोच रहा था तो आंटी ने पूछा क्या हुआ तू इतना क्यों शरमा रहा है? तो मैंने कहा कि ठीक है आप लाकर मुझे दे दीजिए और फिर आंटी ने मुझे उनकी एक पुरानी मेक्सी दी, वो शायद उनकी हनिमून की थी, थोड़ी जालीदार थी, सफेद कलर की एकदम सेक्सी और में वो मेक्सी पहनकर आंटी के सामने आया और वो ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी और अब मुझे भी हंसी आ रही थी.
फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि क्यों कैसा लग रहा है? मैंने कहा कि एकदम खुला खुला और हम दोनों हसने लगे और फिर आंटी झाड़ू लगाने लगी थी और में टीवी देख रहा था. अब उन्होंने अपनी मेक्सी के ऊपर के बटन खोल दिए थे और उनके पूरे निप्पल नज़र आ रहे थे और मेरा लंड उन्हे झूलते हुए देखकर खड़ा हो गया था.
फिर आंटी झाड़ू लगाकर किचन में चली गयी और किचन से मुझे आवाज़ लगाई कि विद्युत ज़रा इधर आना, मुझे वो डिब्बा निकालकर दे. मेरा लंड खड़ा था और अब मुझे भी मज़ा आ रहा था. में वैसे ही उठकर किचन में चला गया और उन्हे डब्बा उतारकर दिया.
तभी उनकी नज़र मेरे लंड पर गयी और मुझसे कहा कि अंदर क्या है? मैंने कहा कि कुछ भी तो नहीं वो बोली कि ज़रा अपने अरमानो पर काबू रख, मैंने कहा कि लेकिन कैसे रखूं? फिर वो मेरे पास आई उन्होंने मेरा लंड छुआ और कहने लगी कि वाह यह तो मेरी उम्मीद से बहुत बड़ा लगता है और फिर लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर हिलाने लगी और फिर मुझसे कहा कि चलो बेडरूम में चलते है. “Hindi Erotica”
में तो उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ. में बेडरूम में गया तो उन्होंने मुझे बेड पर बैठा दिया और मेरी मेक्सी को ऊपर किया और मेरा लंड देखने लगी और कहा कि हाए रे इतना बड़ा लंड? दोस्तों में तो उनके मुहं से लंड शब्द सुनकर एकदम दंग रह गया और अब उन्हे अपनी चुदाई का बहुत जोश चढ़ गया था.
और वो मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी और मेरी गोलियां चूसने, चाटने लगी और कहने लगी कि 12 साल के बाद आज में फिर से चाट रही हूँ. फिर मैंने उनसे पूछा कि क्यों क्या अंकल आपको नहीं चोदते? तो उन्होंने बहुत गुस्से में कहा कि वो हरामी कुत्ता क्या मुझे चोदेगा? और उसके लंड से अच्छा है कि में किसी छोटे लड़के की नुन्नु चूस लूँ.
मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा था और फिर मैंने उनके कपड़े उतार दिए और उनको बेड पर लेटाया. फिर आंटी ने कहा कि विद्युत में बहुत सालो से भूकी हूँ, तू आज मुझे खुश कर दे, फिर तू जो मुझसे बोलेगा में वो सब करूंगी तुझे जो चाहिए वो दूँगी. फिर मैंने अपना लंड उनके मुहं में डाला और कहा कि में मनीषा को भी चोदना चाहता हूँ.
फिर मेरे मुहं से यह बात सुनकर पहले तो वो थोड़ी नाराज़ हो गयी और उसने मुझसे कहा कि तू कितना बड़ा हरामी है विद्युत, मैंने तो सोचा भी नहीं था कि तू अपने दोस्त की बहन की भी चुदाई करना चाहता है? तो मैंने कहा कि किसने सोचा था कि में कभी आपसे अपना लंड चुसवाऊंगा? फिर वो मेरी यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से हँसने लगी और फिर वो मान गयी. “Hindi Erotica”
में खुश हो गया और फिर मैंने उनकी पेंटी को उतार दिया और मैंने देखा कि उनकी चूत पर बहुत सारे बाल थे जिसकी वजह से उनकी चूत तो नज़र ही नहीं आ रही थी. मैंने उनसे कहा कि कभी आप अपनी चूत के बाल साफ नहीं करती? तो आंटी ने कहा कि में अब किसके लिए अपनी चूत के बालों को साफ करूं? और में ज़ोर ज़ोर से हंसने लगा.
फिर आंटी ने कहा कि चल अब आज तू खुद ही साफ कर दे. फिर मैंने उनकी चूत के सभी बालों को एक रेज़र की मदद से साफ किया और अब उनकी चूत तो 18 साल की लड़की तरह दिख रही थी एकदम कामुक, चिकनी, फूली हुई और जोश से भरी हुई.
फिर मैंने उनकी चूत चाटी, उसका स्वाद बहुत नमकीन सा था, तभी उन्होंने कहा कि विद्युत रुक ज़रा में अभी मूतकर आती हूँ और वो उठकर चली गई और जल्दी से वापस आ गयी और अब वो बड़ी खुश लग रही थी. “Hindi Erotica”
फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत के मुहं पर रखा और धीरे धीरे दबाते हुए अंदर डालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मेरा लंड बहुत मुश्किल से अंदर गया और फिर में चोदने लगा और वो ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी और में उन्हे लगातार चोदता रहा. “Hindi Erotica”
चोदने के साथ साथ में उनके बूब्स को भी मसल रहा था जिसकी वजह से वो सिसकियाँ ले रही थी और मुझसे कह रही थी अह्ह्हह्ह्ह्ह हाँ और थोड़ा और पूरा अंदर आईईईईईईई तक जाने हाँ उह्ह्हह्ह्ह्ह. फिर थोड़ी ही देर के बाद मेरे लंड ने अपना वीर्य चूत के अंदर ही निकाल दिया और उसके कुछ देर बाद उनकी चूत ने भी अपना पानी छोड़ दिया.
और मेरे लंड के पानी से और उनकी चूत के रस से उनकी चूत पूरी भर गयी, जिसकी वजह से वीर्य एक एक बूंद करके बाहर टपकने लगा जिसने बेड पर गीला कर दिया. फिर में बहुत थक गया और में उनके पास में लेट गया. वो खड़ी होकर मुझे देख रही थी और उनकी चूत में से पानी टपक रहा था.
उन्होंने कपड़े पहने और फिर मेरा गीला लंड चूसने लगी और अब 5 बजने वाले थे और मनीषा अपने कॉलेज से आने वाली थी. फिर आंटी ने कहा कि तू नंगा ही सोने का नाटक कर में तेरी सेटिंग लगाती हूँ, में सोने का नाटक करने लगा और फिर कुछ देर के बाद मनीषा आ गई और आंटी किचन में काम करने लगी.
फिर मनीषा रूम में आई और मेरे तनकर खड़े लंड को घूर घूरकर देख रही थी और फिर वो अपनी माँ के पास गयी और कहा कि विद्युत बेडरूम में नंगा सोया है. फिर माँ ने उससे कहा क्या? चलो में भी देखती हूँ? और फिर वो दोनों मेरे पास आकर खड़ी हो गई, तो मनीषा ने माँ से कहा कि माँ देखो ना इसका कितना बड़ा है? “Hindi Erotica”
तो माँ ने कहा कि हाँ क्या तुम इसका चूसना चाहोगी? दोस्तों पहले तो वो मना कर रही थी फिर कुछ देर के बाद मनीषा ने मेरा लंड पकड़ा और कहा कि माँ यह तो बहुत गरम है. फिर आंटी ने कहा कि इसे लंड कहते है और इसे चूसने से लड़कियां एकदम गोरी हो जाती है क्योंकि मनीषा इतनी ज़्यादा गोरी नहीं थी इसलिए उसकी माँ ने उससे यह झूठी बात कही. “Hindi Erotica”
उसकी माँ और उसमें ज़मीन आसमान का फ़र्क था. फिर मनीषा ने माँ से पूछा कि क्या माँ तुमने कभी किसी का लंड चूसा था कि तुम इतनी गोरी हो गयी? तो माँ ने कहा कि हाँ में तेरे पापा का लंड हमेशा चूसती थी इसलिए में इतनी गोरी हूँ.
फिर वो मेरा लंड चूसने लगी और कुछ ही सेकिंड के बाद में जाग गया और मनीषा एकदम से डर गई. फिर माँ ने उससे कहा कि कुछ नहीं बेटा तुम बिल्कुल भी मत डरो बस चूसती रहो. फिर मैंने कहा कि हाँ हाँ तुम तो चूसो फिर पुष्पा आंटी ने मनीषा के कपड़े उतार दिए और उसे नंगा किया और फिर खुद भी बिल्कुल नंगी हो गयी.
में तो आज अपनी लाईफ में पहली बार एक साथ दो औरत से मज़े कर रहा था. फिर उसकी माँ ने मनीषा को 69 पोजीशन में कर दिया और में उसकी चूत को चाट रहा था और मनीषा लंड चूस रही थी और उसकी माँ मेरी गोलियां चाट रही थी. में तो जन्नत की सैर कर रहा था और फिर मैंने एक बार मनीषा की चूत मारी. उसकी चूत मारने में मुझे बहुत मज़ा आया, क्योंकि वो मेरी चुदाई के पहले तक वर्जिन थी, लेकिन अब एक फटी हुई चूत, जिसकी सील मैंने अपने लंड से तोड़ी. “Hindi Erotica”
मेरी चुदाई से उसकी चूत ने अपना सारा रस खून के साथ साथ बाहर निकाल दिया. वो अपनी चूत के दर्द से तड़पती रही और उसकी माँ उसकी छाती को सहलाती रही और उसे चुप करवाती रही. फिर कुछ देर के बाद वो अपनी चुदाई के मज़े लेने लगी और अपनी गांड को हवा में उछाल उछालकर मेरा लंड लेने लगी और अब मुझे उसकी गांड भी मारनी थी, लेकिन आंटी ने मुझसे साफ मना कर दिया. और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि उसकी गांड अभी बहुत टाईट है, तूने इसकी चूत को चोदकर फाड़ दिया है तो आज इसकी गांड को छोड़ दे. “Hindi Erotica”
उसका स्वाद तू कुछ दिनों के बाद में लेना वर्ना आज इसकी दोनों तरफ की चुदाई इसको ठीक से चलने भी नहीं देगी. फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन प्लीज आपकी गांड दे दो और फिर हंसते हुए आंटी मेरे लंड पर बैठ गई और मज़े लेने लगी. हम तीनों ने रात भर चुदाई के मज़े किए और तीन दिन तक वहां पर हमारे अलावा कोई भी नहीं था और हम तीन दिन तक बिल्कुल नंगे रहे और हम साथ साथ नहाते खाते पीते और नंगे ही सो जाते. दोस्तों वो दिन मेरी लाईफ के बड़े मज़े के दिन थे जिसमे मैंने उन दोनों को तीन दिन तक लगातार चोदा और बहुत मज़े किए.
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Ekdum zabardast! Maine ek hi saans mein padh li.
Real experience jaisa laga padh kar.
Itni lambi kahani bhi bore nahi hui, likhne ka talent hai aapme.
Itni lambi kahani bhi bore nahi hui, likhne ka talent hai aapme.
Kya twist tha kahani mein, maza aa gaya.
Bahut badiya story hai, maza aa gaya padh kar!
Ye kahani save kar li maine, dobara padhunga.
Kya baat hai bhai, itni achi kahani bahut din baad padhi.
Bahut din se aisi story dhundh raha tha, mil gayi finally.
Story short thi par impact bahut zyada tha.
Superb likha hai bhai, agla part kab aayega?
Bohot real lagi ye story, dil khush ho gaya.
Bahut din se aisi story dhundh raha tha, mil gayi finally.
Superb likha hai bhai, agla part kab aayega?
Aur stories bhi daalo is topic pe please.
Real experience jaisa laga padh kar.