सभी पाठकों को मेरा प्रेम भरा नमस्कार। मैं इस साईट की कहानी को पढने वाला नियमित पाठक हूं। कमल ने इस साईट के बहुत सारी कहानियों को पढा है। मुझे सारी कहानियां बहुत…
सभी पाठकों को मेरा प्रेम भरा नमस्कार। मैं इस साईट की कहानी को पढने वाला नियमित पाठक हूं। कमल ने इस साईट के बहुत सारी कहानियों को पढा है। मुझे सारी कहानियां बहुत ही अच्छी लगती है। उन्हीं कहानियों से प्रभावित होकर मैं आज आपके लिये एक कहानी लिखाने जा रहा हूं।
लेकिन इससे पहले कि मैं ये कहानी शुरू करु मैं आपका परिचय उन दोनो लोगो से करा दूं जिसके बारे में लिखाने जा रहा हूं। मैं एक साधारण फ़ेमिली का लड़का हूं। मेरे परिवार में मेरे और मेरे मम्मी और मेरे डैडी के अलावा और कोई नहीं है। मेरे डैडी हम दोनो से दूंर रहते है। घर में मैं और मेरी मम्मी दो लोग ही रहते है। मेरी मम्मी जिनकी उमर अब चालीस साल की है एक बेहद ही खूबसूरत और काफ़ी आकर्षक महिला है।
उनका रंग गोरा और चेहरा इतना सुन्दर है कि जो भी उनको देखता है बस देखता ही रह जाता है। दूसरी तरफ़ मेरे दूर के एक रिश्तेदार है जो कि विदेश में रहते है वो कभी कभी घर आते है। अब मैं आपको उस दिन की कहानी को बताने जा रहा हूं।
मैं उन दिनो मम्मी के साथ एक छोटे से शहर में रहता था। उन दिनो हमे पैसे की थोड़ी सी परेशानी रहती थी। एक दिन जब मैं पढने के लिये क्लास में गया तो टीचर ने मुझे फ़ीस लाने के लिये बोला। घर में आया तो कमल ने मम्मी से फ़ीस के बारे में बोला तो मम्मी बोली कि अभी थोड़े दिन के बाद ही पैसे की व्यवस्था हो पायेगी। उस दिन कमल आये हुये थे। वो हमारी बारे सुन रहे थे। रात में जब खाना खाने के बाद मैं अपने रूम में गया तो अपने बगल वाले रूम में कुछ बातें होते हुये सुना। मैं समझ गया कि वो अवाज मेरी मम्मी और कमल की है। कमल ने ध्यान से सुना तो पाया कि कमल मम्मी से कह रहे थे कि अगर तुम्हें पैसा चाहिये तो गेस्ट रूम में निर्वस्त्र हो के आ जाओ। इतना कहने के बाद कमल अब मम्मी के कमरे से निकाल के गेस्ट रूम में चले गये।
उनके जाने के बाद कमल ने मम्मी को अपने सारी कपड़े उतारते हुये देखा तो समझ गया कि आज कि रात मम्मी उनके साथ बितायेंगी। मम्मी अपने सारी कपड़े उतरने के बाद गेस्ट रूम में चली गई। जब मम्मी गेस्ट रूम में गई उस समय कमल बाथ रूम में गये हुये थे।
मम्मी रूम में जाकर खड़ी हो गई। तभी कमल बाथरूम से निकले। उस समय वो भी पूरी तरह से निर्वस्त्र थे। जब मैंने उनके लण्ड को देखा तो उसकी लम्बाई को देख के मैं समझ गया कि उसकी लम्बाई साढे सात से आठ इन्च की होगी। कमल का लण्ड पूरी तरह से तना हुआ था।
कमल मम्मी के पीछे आकर खड़े हो गये। मम्मी के पास खड़े होने के बाद कमल ने मम्मी की गाण्ड पर एक हाथ को रखते हुये सहलाया। इसके बाद वो मम्मी के गाण्ड से अपने लण्ड को सटा दिया और एक जोर से झटका मारा तो मम्मी के मुह से जोर से आवाज निकाली जो कि मेरे कान तक पहुंचने के लिये काफ़ी थी। कमल ने एक हाथ से मम्मी के कमर को पकड़ लिया और अपने कमर को हिलाने लगे।
अब कमल ने अपने कमर को हिलाते हुये मम्मी से पूछा कि सेक्स किये हुये कितने दिन हुये तो मम्मी ने कराहते हुये बताया कि तीन साल। इतना सुन के कमल ने एक जोर का झटका मारा तो मम्मी जैसे उछल पड़ी। मम्मी ने कमल से कराहते हुये धीरे धीरे झटके मारने के लिये बोला। लेकिन उनके इस बात का कमल पर कोई भी असर नहीं पढा और वो मम्मी को वैसे ही पेलते रहे। वैसे तो वो अपने कमर को जोर जोर से ही हिला रहे थे। लेकिन जब अपने कमर को थोड़ा और तेजी से झटका लगते तो मम्मी की हालत देखते ही बनती थी।
कुछ देर के बाद कमल ने मम्मी को ड्रेसिन्ग टेबल के सामने खड़ा कर दिया और मम्मी की चूत को देख देख के पेलने लगे। मम्मी की चूत पर अपने हाथ रखने के बाद वो मम्मी को वैसे ही झटके लगाते रहे और मम्मी के गाण्ड में अपने पूरे लण्ड को घुसा दिया। अब उनका पूरा लण्ड मम्मी के गाण्ड में चला गया था। कुछ देर तक उसी तरह से झटका लगने के बाद कमल ने देखा कि उनके कमर की स्पीड बढने लगी तो मैं समझ गया कि उनका सब अब अन्तिम पोजिशन पर था।
मेरा सोचना बिलकुल ही सही था। क्योंकि कुछ देर के बाद कमल मम्मी के कन्धे पर अपने सर रख के शान्त पड़ गये। कुछ देर तक वैसे खड़े रहने के बाद कमल ने अपने लण्ड को मम्मी के गाण्ड से निकाल दिया। अब मम्मी बथरूम में चली गई। कमल भी उनके पीछे चले गये। कुछ देर के बाद जब दोनो बाहर निकले तो कमल ने देखा कि मम्मी ने कमल के लण्ड को अपने एक हाथ से पकड़ रखा था। रूम में आने के बाद कमल ने देखा कि कमल बेड पर बैठ गये। अब मम्मी को इशारे से लण्ड को चाटने के लिये बोले।
मम्मी फ़र्श पर बैठ गई और कमल के लण्ड को अपने मुह में लेके चाटने लगी। कमल मम्मी के चूंची को अपने हाथ में ले के धीरे धीरे दबाने लगे। लगभग पांच मिनट के बाद जब कमल पूरी तरह से गरम हो गये तो मम्मी को लण्ड को छोड़ने के लिये बोला। मम्मी ने जब लण्ड को मुह से निकाला तो कमल ने देखा कि कमल का लण्ड पूरी तरह से तन चुका था। अब कमल का लण्ड मम्मी की चूत में जाने के लिये पूरी तरह से तैयार हो चुका था। अब कमल ने मम्मी को बेड पर लेटने के लिये बोला। मम्मी बिस्तर पर लेट गई।
कमल ने मम्मी के चूत के बालो को सहलाना शुरू किया। मम्मी ने अपने अखे बंद कर लिया और जोर जोर से सासे खींचने लगी। इसके बाद कमल ने मम्मी की चूत को अपने दोनो हाथो से फ़ैलाया और बोले- ये तो बहुत ही सख्त है। जैसे कि अभी तो बिलकुल ही कुवारी है। अब वो पास के अलमारी से सरसो के तेल के दीबे को लेकर पास के टेबल पर रख दिया।
अब कमल ने मम्मी के चूत पर तेल लगाने लगे। मम्मी के चूत पर तेल लगने के बाद अपने लण्ड पर तेल लगाया। इसके बाद कमल मम्मी के जांघ पर बैठ गये। अब उनके लिये बर्दाश्त करना जैसे मुश्किल हो रहा था। कमल ने अपने लण्ड को एक हाथ से पकड़ के मम्मी के चूत पर सटाया और दूसरे हाथ से मम्मी के चूत को फ़ैलाया। कमल ने अपने लण्ड को मम्मी के चूत के होल पे रख के अपने कमर को हलका सा आगे के तरफ़ पुश किया तो मम्मी के मुह से हल्की सी सिसकी निकिली।
मैं समझा कि मम्मी के चूत में उनका लण्ड का लाल टोपा भीतर चला गया होगा। लेकिन ऐसा नहीं था। मम्मी कि चूत कमल के लण्ड के लिये छोटी थी। अब कमल ने मम्मी के दोनो पैरो को फ़ोल्ड कर के फ़ैला दिया और दोनो पैरो के बीच में आ गये। अब मम्मी के चूत पर अपने लण्ड को सटा के रगड़ने लगे। दो मिनट तक ऐसा करने से मम्मी धीरे धीरे गरम होने लगी और तेज सांसे लेने लगी।
कुछ देर के बद मम्मी ने अपने चूत को अपने दोनो हाथो से फ़ैला दिया और राज को लण्ड को घुसने के लिये बोली। कमल ने अपने लण्ड को मम्मी के चूत के छेद पर रख के जोर से झटका मारा तो मम्मी अपने जगह से दो इन्च ऊपर घसक गई। कमल ने ध्यान से देखा तो पाया कि कमल का लण्ड मम्मी में चला गया था। अब कमल अपने कमर को धीरे धीरे हिलाने लगे और मम्मी उनके हर झटके के साथ हिलाने लगी।
अब कमल मम्मी के ऊपर लेट गया और दोनों एक दूसरे को अपने बांहों में कस लिया। कमल ने मम्मी के गाल पर एक पप्पी ली और एक जोर का झटका मारा तो मम्मी कराह उठी।
कमल ने पूछा- दर्द कर रहा है? तो मम्मी ने कराहते हुये जवाब दिया – हां आआ औऊऊऊ आह्हहह.
अब कमल ने मम्मी की दोनों कलाईयों को पकड़ कर एक जोर से झटका मारा तो मम्मी तो जैसे पूरी तरह से कांप गई। अब कमल मम्मी के चूचियों को मुँह से पकड़ के धीरे धीरे पीने लगा और अपने कमर को धीरे धीरे हिलाने लगा। मम्मी अब पूरी मस्ती के साथ आहे भरने लगी।
मैंने देखा कि कमल अपने डण्डे को मम्मी के अन्दर ले जाने के लिये जोर जोर से दो तीन झटके मारे तो मम्मी पूरी तरह से कांपते हुये आआआ आऔऊऊ ऊऊउ आआ आआहह उआआ आआ आऐई ईईइ औआआ नह्हह्ही आआआजजु फ़्फ़फ़्फ़ फ़फ़्फ़फ़ आआऔऊऊउ आआआह्ह उआआआआ आआऐईईइ औआआआ नह्हह्हीई आआआज्ज फ़्फ़फ़्फ़ फ़्फ़फ़्फ़ फ़्फफ़ की आवाज निकाल रही थी और उधर कमल अपने कमर को जोर जोर से हिला रहे थे।
तभी मम्मी ने बोला- थोड़ा धीरे धीरे अन्दर डालिये आआ अह्ह ह्हह्ह ऊह ह्हह अह्ह ह्हह्ह। अब कमल ने मम्मी को बोला कि अभी तो आधा ही अन्दर गया है। आज तो कुंवारापन को खत्म करना है। पिछले दो साल से तो कुंवारी रही है ये चूत। ये कहते हुये कमल ने जोर जोर से तीन चार झटके लगाये तो मम्मी आऔऊउ आआहह्ह उआआ आआऐईईइ औआआ नह्हह्हीई आआआ ज्जजफ़्फ़ आऔऊऊउ आहह्ह उआआआ आआ आआऐईईइ औआआ नह्हह्हीई आआज्ज जुफ़्फ फ़्फ़फ़्फ़फ़ की आवाज के साथ जैसे धीमी आवाज में चीख पड़ी। कमल ने अपने लण्ड को थोड़ा बाहर निकाल दिया और मम्मी के दोनो चूंचीयों को फ़िर से मसलना शुरू कर दिया कुछ देर के बाद कमल ने अपने कमर को जोर जोर से हिलाना शुरू कर दिया और मम्मी के आआआ आआआ आअह्ह् ऊओह्ह ह्हह के आवाज आने लगी। जब कमल ने देखा कि अब रुकना नहीं है तो अपने होठों को मम्मी के होठो को कस लिया और जोर जोर से झटके मारने लगा।
तब मम्मी अपने होठों को अजाद करते हुये पूछा कि अब और कितना बाहर है राजा। कमल ने बोला कि थोड़ा है डाल दूं पूरा तो मम्मी ने हामी में अपने सर को हिलाया। कमल ने अपने कमर को जोर के झटके के साथ अपने लण्ड को पूरा अन्दर कर दिया। कुछ देर तक जोर के झटके मारने के बाद कमल ने जब फ़ील किया कि मेरा सपुरम उसके चूत में जाने वाला है तो कमल ने एक तरफ़ से मम्मी के चूंचीयों को जोर से मसलना शुरू किया तो दूंसारी तरफ़ मम्मी के होठों को चूसना शुरू किया। अब वो भी कमल के सुर के साथ अपना ताल मिलाने लगी थी। कमल ने पूछा मजा आ रहा है तो मम्मी ने सर हां में हिलाया। कुछ देर के बाद कमल का सपुरम मम्मी के चूत को गीला करने लगा तो मम्मी इ लवीईईए ऊऊऊ ऊऊउ आआह्ह ईईई लूऊऊव्वी ईईईई ऊऊऊउ कर के अपने दोनो हाथो को कमल के पीठ पर रगड़ते हुए पूरी तरह से कमल के अगोश में आ गई।
कुछ देर तक वैसे ही पड़े रहने के बाद कमल ने उठ के अपने लण्ड को निकाला उसमे खून लगा हुआ था। कमल ने मम्मी कि चूत को देखा तो वो काफ़ी फ़ूल चुकि थी। मम्मी चुपचाप कुछ देर तक वैसे ही लेटी रही और तब उठ के अपने कपड़े को पहन के बाथ रूम में गई वहां पेशाब करने के बाद वो जब बाहर आई तो मुसकुराते हुए कमल के तरफ़ देखती रही।
— Free Sex Kahani

Kamaal ka likha hai, mann khush ho gaya.
Sach mein dil ko chu gayi ye kahani.
Mast story thi, aur bhi aise likhte raho.
Ye kahani padh kar bahut accha laga, keep it up.
Mast story thi, aur bhi aise likhte raho.
First time is site pe aaya, ab roz aaunga.
Kahani mein emotion bhi tha aur maza bhi, badhiya combo.
Bahut hi umda kahani thi, thanks for sharing.
Ye kahani save kar li maine, dobara padhunga.
Real experience jaisa laga padh kar.
Yeh site meri favorite ban gayi hai, roz naye stories padhta hoon.
Sahi likha hai, next part ka wait rahega.